अफ़ग़ानिस्तान में पवित्र क़ुरआन की प्रतियों को जलाए जाने का पता लगाने के लिए बनाई गई जांच समिति के सदस्य ने कहा है कि अतिग्रहणकारियों ने जानबूझ कर इस्लाम की पवित्र चीज़ों और मुसलमानों की अवमानना की है। अफ़ग़ानिस्तान के सांसद मोलवी तरहख़ैल मुहम्मदी ने रेडियो तेहरान की पश्तु सेवा से साक्षात्कार में कहा कि अमरीकी सैनिकों ने पिछले सप्ताह बगराम सैन्य छावनी के पुस्तालय पर आक्रमण करके पवित्र क़ुरआन की छह सौ प्रतियों को जलाने के लिए बाहर निकाला जिसका अफ़ग़ान सैनिकों ने विरोध किया किन्तु अधर्मी अतिग्रहणकारियों ने अफ़ग़ान सैनिकों की एक न सुनी और पवित्र क़ुरआन की चार सौ प्रतियों को जला दिया जिसके कारण अफ़ग़ानिस्तान सहित विभिन्न देशों के मुसलमानों में आक्रोश व्याप्त हो गया। उन्होंने कहा कि जब तक इस अपराध के दोषियों को वास्तविक दंड नहीं मिल जाता प्रदर्शनों का क्रम जारी रहेगा।.........166
29 फ़रवरी 2012 - 20:30
समाचार कोड: 299942
अफ़ग़ानिस्तान में पवित्र क़ुरआन की प्रतियों को जलाए जाने में अतिग्रहणकारियों ने जानबूझ कर इस्लाम की पवित्र चीज़ों और मुसलमानों की अवमानना की है